अयोध्या न्यूज डेस्क: **हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार अयोध्या के अब्दुल रहमान का आतंकी संगठन ISIS से सीधा कनेक्शन सामने आया है। अब्दुल रहमान, जो कि फैजाबाद (अयोध्या) का रहने वाला है, को गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और फरीदाबाद स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 2 मार्च को संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ कि अब्दुल रहमान ISIS के हैंडलर अबू सुफियान के संपर्क में था, जिसने उसे राम मंदिर पर आतंकी हमले की साजिश रचने के लिए उकसाया था। गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके घर पर छापेमारी की, जहां से लकड़ी की बंदूक, एयर गन, रॉकेट लॉन्चर, पिस्तौल और हैंड ग्रेनेड के डमी बरामद किए गए।
अबू सुफियान के संपर्क में आने के बाद अब्दुल रहमान सोशल मीडिया पर हथियार चलाने के वीडियो शेयर करने लगा था, जिससे वह सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर आ गया। छापेमारी के दौरान बरामद हुए डमी हथियार अब्दुल रहमान की निशानदेही पर मिले हैं। फिलहाल यूपी एटीएस समेत कई सुरक्षा एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि अब्दुल रहमान ने अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की साजिश के लिए रेकी भी की थी। उसने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी अहम जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को दी थीं।
गिरफ्तारी के बाद जांच में पता चला है कि अब्दुल रहमान फैजाबाद में एक मटन शॉप चलाता था और कट्टरपंथी संगठनों से जुड़ा हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि अब्दुल के इस साजिश में स्थानीय मददगार भी शामिल हो सकते हैं। अब सुरक्षा एजेंसियां अयोध्या और फैजाबाद में अब्दुल के नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अब्दुल को हथियारों और विस्फोटकों की ट्रेनिंग कहां से मिली थी और इसमें कौन लोग शामिल थे।
इस पूरे ऑपरेशन में गुजरात ATS की भूमिका महत्वपूर्ण रही। ATS को इनपुट मिला था कि एक संदिग्ध आतंकी भारत में सक्रिय है, जो किसी बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहा है। इसी आधार पर फरीदाबाद STF के साथ मिलकर ATS ने ऑपरेशन चलाया और अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया। पुलिस का मानना है कि अगर यह हमला सफल होता, तो इससे देश में भारी तबाही हो सकती थी। फिलहाल, अब्दुल रहमान से जुड़े सभी संपर्कों और उसकी गतिविधियों की गहराई से जांच जारी है।